क्‍या केंद्रीय कैबिनेट में होगा फेरबदल? 3 जुलाई को होगी बैठक, पीएम मोदी करेंगे अध्‍यक्षता

 क्‍या केंद्रीय कैबिनेट में होगा फेरबदल? 3 जुलाई को होगी बैठक, पीएम मोदी करेंगे अध्‍यक्षता

3 जुलाई को होगी बैठक, पीएम मोदी करेंगे अध्‍यक्षता


अनिंद्या बनर्जी
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) के सोमवार (3 जुलाई) को मंत्रिपरिषद की बैठक बुलाने से केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव (cabinet reshuffle) की चर्चा शुरू हो गई है. लोकसभा चुनाव में एक साल से भी कम समय रह गया है और कई राज्यों में चुनाव होने हैं, ऐसे में अटकलें जोर पकड़ रही हैं. खास बात यह है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और पार्टी के महासचिव (संगठन) बीएल संतोष सहित भाजपा के शीर्ष नेताओं ने बुधवार देर रात प्रधानमंत्री आवास पर लंबी चर्चा की, जिससे सत्ता के गलियारे में हलचल मच गई है.

तीन जुलाई की बैठक प्रगति मैदान में नवनिर्मित कन्वेंशन सेंटर में होने की संभावना है. इस सेंटर में सितंबर में जी20 शिखर बैठक का आयोजन किया जायेगा. बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक में नड्डा की मौजूदगी से सरकार एवं भाजपा संगठन में बदलाव की अटकलें शुरू हुईं. इस वर्ष के अंत में राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, तेलंगाना, मिजोरम में चुनाव होने हैं. मंत्रिपरिषद की बैठक संसद के मानसून सत्र से कुछ दिनों पहले हो रही है. मानसून सत्र जुलाई के तीसरे सप्ताह से शुरू होने की संभावना है.

मं‍त्री ही नहीं, राज्‍य मंत्रियों को भी बदला जाएगा
 पता चला है कि अगर पीएम मोदी वास्तव में फेरबदल के साथ आगे बढ़ने का फैसला करते हैं, तो यह केवल कैबिनेट मंत्रियों तक ही सीमित नहीं होगा. कई राज्य मंत्रियों को भी बदला जाएगा क्योंकि कुछ को लेकर बहुत असंतोष है. लेकिन अगर कोई फेरबदल होता है, तो एक शक्तिशाली कैबिनेट मंत्री को संगठन में भेजा जा सकता है. किरेन रिजिजू को पहले ही हाई-प्रोफाइल कानून और न्याय मंत्रालय से पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में स्थानांतरित कर दिया गया है.

बंगाल से हो सकती है कटौती, तो अन्‍य राज्‍यों को मिल सकता है प्रतिनिधित्‍व
अब, चुनावी राज्य राजस्थान से अर्जुन राम मेघवाल संसदीय मामलों के साथ-साथ कानून विभाग के भी प्रभारी हैं. पिछले महीने, अचानक घोषणा हुई कि एसपी सिंह बघेल, जो कानून और न्याय राज्य मंत्री थे, को नया स्वास्थ्य राज्‍य मंत्री बनाया गया है. सूत्रों के मुताबिक, अगर कैबिनेट में बदलाव होता है तो पश्चिम बंगाल की हिस्सेदारी में कटौती होने की संभावना है. फिलहाल, राज्य में चार राज्य मंत्री हैं और इनमें से कम से कम दो को हटाने की संभावना है. भाजपा के सूत्रों ने कहा कि एक को छोड़कर, जो अमित शाह के करीबी माने जाते हैं; बाकी के बारे में अनिश्चितता है.

राजनीतिक फेरबदल होगा, टेक्‍नोक्रेट को नहीं मिलेगी जगह
एक भाजपा नेता ने कहा कि अब राजनीतिक फेरबदल होगा, उसमें टेक्‍नोक्रेट को शामिल नहीं किया जाएगा. चुनाव के मद्देनजर फैसला किया जाएगा. ऐसी संभावना है कि छत्तीसगढ़- (जहां चुनाव होने हैं) से पार्टी सांसदों को कैबिनेट में लाया जाएगा. राज्य में भाजपा के आठ सांसद हैं. यहां कांग्रेस ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कट्टर प्रतिद्वंद्वी टीएस सिंह देव को उपमुख्यमंत्री नियुक्त करके आंतरिक मतभेदों को दूर करने की कोशिश की है.

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