Indian Air Force Day: पहली बार महिला अधिकारी ग्रुप कैप्टन कमांड करेंगी

Indian Air Force Day: भारतीय वायु सेना के 91 साल के सेवानिवृत्ति का जश्न

ग्रुप कैप्टन शालिजा धामी पहली बार एयर फोर्स डे परेड कमांड
ग्रुप कैप्टन शालिजा धामी पहली बार एयर फोर्स डे परेड कमांड

टेबल ऑफ़ कॉन्टेंट्स (सूची)

क्र. शीर्षक
1. महिला अधिकारी शालिजा धामी का महत्वपूर्ण कदम
2. एकमात्र महिला कॉन्टिंजेंट
3. गरुड़ कमांडोज की पहली बार शिरकत
4. आधुनिकीकरण की ओर बढ़ता कदम
5. नया इंसिग्न का आविष्कारण
6. नया इंसिग्न का विवरण
7. नवा झंडा: एक साल बाद का आविष्कारण
8. आखिरी बार: MiG-21 जेट्स का प्रदर्शन
9. सेना के प्रमुख तिरंगा का साथ
10. समापन कदम: एक अनूठे दिन का समापन

 

नमस्ते, मित्रों! क्या आपने सुना है कि Indian Air Force Day परेड को इस बार पहली बार महिला अधिकारी ग्रुप कैप्टन शालिजा धामी कमांड करेंगी? हाँ, यह सच है! इस ख़ास दिन के मौके पर, हम आपको इस अनूठे समाचार के बारे में सब कुछ बताएंगे और यह भी देखेंगे कि कैसे भारतीय वायु सेना अपनी 91वीं सालगिरह मना रही है।

समय का पहला कदम: परिचय

इंडियन एयर फोर्स डे, जिसे हम आमतौर पर Indian Air Force Day के रूप में जानते हैं, भारतीय वायु सेना के महत्वपूर्ण दिन के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भारतीय वायु सेना की स्थापना के जन्मदिन का जश्न मनाया जाता है और इसके साथ ही इस सेना की शौर्यगाथाओं को याद किया जाता है। इस बार, यह खास हो रहा है क्योंकि पहली बार Indian Air Force Day Pared का कमांड महिला अधिकारी ग्रुप कैप्टन शालिजा धामी के हाथ में होगा। इसके साथ ही, हम आपको बताएंगे कि कैसे महिलाएँ अब अपने पुरुष समकक्षों के साथ समर्पित भूमिकाओं में काम कर रही हैं और कैसे वायु सेना ने इस साल अपने परिचालन पदकों को नया रूप दिया है।

Indian Air Force Day
Indian Air Force Day

IAF DAY का आगाज़

आइए, हम इस रोचक खबर की ओर बढ़ते हैं।

1. महिला अधिकारी शालिजा धामी का महत्वपूर्ण कदम

ग्रुप कैप्टन शालिजा धामी एक हेलीकॉप्टर पायलट हैं और मार्च में ही वह पहली महिला बनी थी जिन्होंने एक फ्रंटलाइन IAF कॉम्बट यूनिट का कमांड संभाला। वह पश्चिमी सेक्टर में एक मिसाइल स्क्वाड्रन का मुखिया हैं। 2003 में IAF में शामिल हुई धामी एक योग्य उड़ान शिक्षक हैं और उन्होंने 2,800 घंटे से अधिक की उड़ानें भरी हैं।

2. एकमात्र महिला कॉन्टिंजेंट

इस बार का Indian Air Force Day Pared  एक ऐसा अवसर है जब पहली बार परेड में एकमात्र महिला कॉन्टिंजेंट शामिल होगा, जिसमें हाल ही में शामिल हुई अग्निवीर वायु की सदस्य भाग लेंगी, जो अपने पुरुष समकक्षों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर परेड में उतरेंगी।

3. गरुड़ कमांडोज की पहली बार शिरकत

इस परेड में पहली बार गरुड़ कमांडोज का एक फ्लाइट भी शामिल होगा।

4. आधुनिकीकरण की ओर बढ़ता कदम

Indian Air Force Day और नेवी ने अपनी श्रेणीओं के भीतर महिला अधिकारियों को अपनी विशेष बलाओं के इकाई में शामिल होने की अनुमति दी है – गरुड़ कमांडो फोर्स और मरीन कमांडोज बिल्कुल स्पष्टत: इस सब के बावजूद, केवल उन्हें चुनाव के मापदंडों को पूरा करना होगा।

5. नया इंसिग्न का आविष्कारण

Indian Air Force Day परेड में, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी प्रयागराज में वायु सेना के नए इंसिग्न का अनावरण करेंगे। इस इंसिग्न में अब वायु सेना का प्रतीक ऊपरी दाएं कोने में दिखाया जाएगा, जो वर्तमान में उपर बाएं कैंटन में राष्ट्रीय ध्वज और वायु सेना के त्रिरंगी रोंडल को दिखाता है।

6. नया इंसिग्न का विवरण

इंसिग्न में आशोका सिंह ऊपर है, जिसके नीचे उसके पंख बिखरे हुए हैं। एक हल्का नीला रिंग उस ईगल को घेरता है, जिस पर ‘भारतीय वायु सेना’ का हिंदी में लिखा होता है। वायु सेना का मोटो, ‘नभ स्पर्शम दीप्तम’ (महाकवि ऋगवेद से लिया गया), उस ईगल के नीचे सुनहरे देवनागरी में लिखा होता है।

7. नवा झंडा: एक साल बाद का आविष्कारण

पिछले साल, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने वायु सेना के एयरक्राफ्ट कैरियर विक्रांत के कमीशनिंग समारोह में भारतीय नौसेना के झंडे का अनावरण किया, जिसका प्रेरणा स्रोत मराठा साम्राज्य के शिवाजी महाराज के मुहर से लिया गया था और इसमें सेंट जॉर्ज क्रॉस भी शामिल था।

8. आखिरी बार: MiG-21 जेट्स का प्रदर्शन

Indian Air Force Day के फ्लाइपास्ट में इस बार MiG-21 जेट्स भी भाग लेंगे, लेकिन यह उनका आखिरी प्रदर्शन होगा। इस फ्लाइपास्ट में Rafale, Sukhoi-30, Mirage-2000, MiG-29, Jaguar, LCA Tejas, C-295, C-17, C-130J, IL-76, AN-32, Chinook, Apache और Hawk जैसे लगभग 110 हवाई जहाज शामिल होंगे।

9. सेना के प्रमुख तिरंगा का साथ

इस बार की ख़ास बात यह है कि सभी तीन सेनाएँ अब अपने प्रमुख समर्पणीय आयोजन राष्ट्रीय राजधानी के बाहर आयोजित कर रही हैं। परेड अब भी हिंडन एयर बेस पर नहीं बल्कि पिछले साल चंडीगढ़ में आयोजित किया गया था।

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समापन कदम: एक अनूठे दिन का समापन

यह हमारा लेख समाप्त होता है। इस विशेष दिन पर, हम सभी को गर्व है कि हमारी वायु सेना हर कदम पर महिलाओं को समर्थन दे रही है और उन्हें उनके समकक्ष अधिकारों का आनंद दिला रही है।


संदर्भग्रंथ

समापन

आज, हमने आपको Indian Air Force Day के महत्वपूर्ण घटनाओं के बारे में बताया है, जिसमें महिला अधिकारी ग्रुप कैप्टन शालिजा धामी की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह एक इतिहास बनाने का मौका है, जो हम सभी को गर्वित करता है कि हमारी सेना महिलाओं को उनके पुरुष समकक्षों के साथ बराबरी का मौका देती है।

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पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  1. यह क्यों खास है कि ग्रुप कैप्टन शालिजा धामी पहली बार एयर फोर्स डे परेड कमांड करेंगी?
    • यह खास इसलिए है क्योंकि यह पहली बार हो रहा है जब एक महिला अधिकारी इस उपलब्धि को हासिल कर रही है, और इससे महिलाओं के सशक्तिकरण का संकेत मिलता है।
  2. कैसे भारतीय वायु सेना ने महिलाओं को अधिक अवसर दिए हैं?
    • भारतीय वायु सेना ने महिलाओं को उनके पुरुष समकक्षों के साथ समर्पित भूमिकाओं में बढ़ावा दिया है, जैसे कि वायु सेना और नेवी के विशेष बलाओं में उनकी शामिली और उनको स्थायी कमीशन की अनुमति दी है।
  3. नए इंसिग्न के बारे में अधिक जानकारी क्या है?
    • नए इंसिग्न में आशोका सिंह का प्रतीक है और उसके नीचे हिमालयी गरुड़ होता है। इसमें हल्का नीला रिंग होता है जिस पर ‘भारतीय वायु सेना’ लिखा होता है और इसमें वायु सेना का मोटो, ‘नभ स्पर्शम दीप्तम’ होता है।
  4. MiG-21 जेट्स का प्रदर्शन क्यों आखिरी बार हो रहा है?
    • MiG-21 जेट्स का प्रदर्शन इस बार आखिरी बार हो रहा है क्योंकि ये जेट्स अब सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
  5. IAF DAY के इस ख़ास दिन का महत्व क्या है?
    • IAF DAY भारतीय वायु सेना की स्थापना की जयंती होती है और इसे सेना के बहादुरी और योगदान को याद करने के रूप में मनाया जाता है।

यह हमारे लेख का अंत है, और हम आपको इस अनूठे दिन की जानकारी देने के लिए धन्य हैं। कृपया ध्यान दें कि यह लेख जानकारी और मनोरंजन के लिए है, और हमारी वायु सेना के प्रति गहरी श्रद्धांजलि का हिस्सा है।

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